अमृत बाणी हर हर तेरी
सुण सुण होवै परम गत मेरी
अमृत बाणी हर हर तेरी…
जलन बुझी सीतल होए मनुआ
सतगुर का दर्शन पाए जीओ
अमृत बाणी…
सूख भया दुख दूर पराना
संत रसन हर नाम वखाना
जल थल नीर भरे सर सुभर
बिरथा कोए न जाए जीओ
अमृत बाणी हर हर तेरी…
दया धरी तिन सिर्जनहारे
जीया-जंत सगले प्रतिपारे
मेहरवान किरपाल दयाला
सगले तृप्त अघाए जीओ
अमृत बाणी हर हर तेरी…
वन तृण तृभवन कीतोन हरेया
करणहार खिन भीतर करेया
गुरमुख नानक तिसे अराधे
मन की आस पुजाये जीओ
अमृत बाणी हर हर तेरी…
अमृत बाणी हर हर तेरी – Amrit baani har har teri